Wednesday, January 28, 2015
Tuesday, May 27, 2014
Thursday, November 22, 2012
गीता - एक आवाज़, एक परवाज़, एक अंदाज़ या एक राज़?
गीता-सार
फ़रीदपुर से एक लोरी धीमे-धीमे सुरों में, धीरे-धीरे बम्बई (मुंबई) के कानों में रस घोलने लगी।
आजा री निंदिया - नई माँ (1946)
कहते हैं बच्चे भगवान् का रूप होते हैं, तो लोरी भी तो भजन का ही रूप हुई न? वो रसमय लोरी भजन में कब और कैसे परिवर्तित हो गई - पता ही नहीं चला!
घूँघट के पट खोल - जोगन (1950)
और भजन जब दिल से गाया जाए तो एक इश्क़ बन जाता है। इश्क़ - जो ख़ुदा का ही एक रूप है, जब सर चढ़ता है तो बस!
मस्त चाँदनी झूम रही है - प्यार की बातें (1951)
और जब इश्क़ हो जाता है तो फिर ये तूफ़ान कहाँ रुकता है?
कैसे रोकोगे ऐसे तूफ़ान को - आनंद मठ (1952)
रॉयचौधरी अब दत्त हो चुकी थी और वो - वो, जो एक आवाज़ थी अब परवाज़ पकड़ चुकी थी।
हम आपकी आँखों में इस दिल को बसा दें तो? - प्यासा (1957)
और प्यार जब हाथों से फिसलता है न तो बहौत तकलीफ़ देता है
न जाओ सैयाँ छुड़ाके बैयाँ - साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962)
तन्हाई दिल की पुर-दर्द आवाज़ बन जाती है
जिया बुझा-बुझा नैना थके-थके---कोई दूर से आवाज़ दे चले आओ - साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962)
आवाज़ का अंदाज़ बदलने लगा। आवाज़ आवाज़ न होके एक दर्द, एक टीस बन गई।
आज की काली घटा - उसकी कहानी (1966)
और फिर जो उसकी जान था वही जाँ से जुदा हो गया -
मुझे जाँ न कहो - अनुभव (1971)
आवाज़ चली गई, एक राज़ रह गया - कोई चुपके से आके, सपने जगाके बोले के, मैं आ रहा हूँ - कौन आए ये मैं कैसे जानूँ ?
कौन आया जो वो आवाज़, वो दिलकश सदा, सदा के लिए अपने साथ ले गया? कोई जानता है ये राज़?
कोई चुपके से आके - अनुभव (1971)
Monday, August 20, 2012
Manju (1983) (Malayalam) (Sharat Sandhya) - Rasiya Mann Behkaaye (II) - Gulzar - MB Sriniwasan - Bhupinder
Manju (1983) (Malayalam) (Sharat Sandhya) - Rasiya Mann Behkaaye (II) - Gulzar - MB Sriniwasan - Bhupinder
फिल्म: मंजु (मलयालम)
गीत: गुलज़ार
संगीत: ऍम. बी: . श्रीनिवासन
गायक: भूपेंद्र
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रस का लोभी रंग रंग भंवराए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रसिया...रसिया...रसिया
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
चाँदनी आग लगाए
चाँदनी आग लगाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया... मन् बहकाए...
Saturday, January 14, 2012
Preeti Sagar Remembers Geeta Dutt
आज की काली घटा, मस्त मतवाली घटा (कैफ़ी आज़मी - कनु रॉय - गीता दत्त )
Friday, January 13, 2012
Saturday, December 3, 2011
A Beautiful Song - एक खूबसूरत नग़मा
Gul Khilen Ya Na Khilen
Raat Ki Uljhan (Unreleased)
Lyricist - Gulzar
Music - Salil Chaudhury
गुल खिलें या न खिलें , बहार में हैं रंग बहार के
हरे -भरे तेरे रास्ते मिले हैं प्यार के , हो हो प्यार के
गुल खिलें या न खिलें , बहार में हैं रंग बहार के
हरे -भरे तेरे रास्ते मिले हैं प्यार के , हो हो प्यार के
तुम मिले ये जहां मिल गया , ये ज़मीन मिल गई आस्मां मिल गया
तुम खिले ये चमन खिल गया , मुझे मेरी मंज़िलों का निशाँ मिल गया
तुम मिले ये जहां मिल गया , ये ज़मीन मिल गई आस्मां मिल गया
तुम खिले ये चमन खिल गया , मुझे मेरी मंज़िलों का निशाँ मिल गया
येही चाँद-सी ज़मीं देखें हैं नज़ारे इस गगन तले
गुल खिलें....
ये हवा ये हसीं वादियाँ , प्यार के झूलने, प्यार का आशियाँ
ये हवा ये हवा की लहर , छू के जाते हुए कहती है ठहर
ये हवा ये हसीं वादियाँ , प्यार के झूलने, प्यार का आशियाँ
ये हवा ये हवा की लहर , छू के जाते हुए कहती है ठहर
येही ये हसीं ज़मीं देखें हैं नज़ारे इस पे मन चले
गुल खिलें...
Gul Khilen Ya Na Khilen, Bahaar Mein Hain Rang Bahaar Ke
Hare-Bhare Tere Raaste Mile Hain Pyaar Ke, Ho Ho Pyaar Ke
Gul Khilen Ya Na Khilen, Bahaar Mein Hain Rang Bahaar Ke
Hare-Bhar Tere Raaste Mile Hain Pyaar Ke, Ho Ho Pyaar Ke
Tum Mile Ye Jahaan Mil Gaya, Ye Zameen Mil Gai Aasmaan Mil Gaya
Tum Khile Ye Chaman Khil Gaya, Mujhe Meri Manzilon Ka Nishan Mil Gaya
Tum Mile Ye Jahaan Mil Gaya, Ye Zameen Mil Gai Aasmaan Mil Gaya
Tum Khile Ye Chaman Khil Gaya, Mujhe Meri Manzilon Ka Nishan Mil Gaya
Yehi Chaand-si Zameen Dekhen Hain Nazaare Iss Gagan Tale
Gul Khilen....
Ye Hawa Ye Haseen Waadiyaan, Pyaar Ke Jhoolne, Pyaar Ka Aashiyan
Ye Hawa Ye Hawa Ki Leher, Chhoo Ke Jaate Hue Kehti Hai Thaher
Ye Hawa Ye Haseen Waadiyaan, Pyaar Ke Jhoolne, Pyaar Ka Aashiyan
Ye Hawa Ye Hawa Ki Leher, Chhoo Ke Jaate Hue Kehti Hai Thaher
Yehi Ye Haseen Zameen Dekhen Hain Nazaare Iss Pe Mann Chale
Gul Khilen...
Tuesday, November 15, 2011
Monday, October 24, 2011
Tuesday, October 4, 2011
बक्षी साहब का एक नायाब नग़मा
गाना - कभी लाया झुमके न लाया चुनरिया
फिल्म - हम दीवाने (१९६५)
गीतकार - आनंद बक्षी
संगीतकार - अन्ना साहब (सी. रामचंदर)
गायक - आशा भोसले, चितलकर (सी. रामचंदर) और साथी
कभी लाया झुमके न लाया चुनरिया
सिर्फ प्यार को मैं करूँ क्या सांवरिया
भला क्या हैं झुमके तो क्या है चुनरिया
तेरे नाम लिख दी है मैंने उमरिया
निकलती है बन-ठन के हर एक सहेली
पड़ी रहती हूँ मैं ही घर में अकेली
मुझे ताने देती है सारी नगरिया
सिर्फ प्यार को मैं करूँ क्या सांवरिया
बता क्या करेगी पहन के तू झुमके
तेरी चाल में तो हैं वैसे ही ठुमके
मेरी जान तू तो है यूँही बिजुरिया
तेरे नाम लिख दी है मैंने उमरिया
शुरू में किया तूने हर एक वादा
मगर प्यार होते ही बदला इरादा
जिया लेके ली न कभी फिर खबरिया
सिर्फ प्यार को मैं करूँ क्या सांवरिया
तेरी माँग अपनी मोहब्बत से भर दूँ
तेरे आज सारे गिले दूर कर दूँ
ज़रा मुस्कुरा के मिला तो नजरिया
तेरे नाम लिख दी है मैंने उमरिया
Monday, October 3, 2011
A Rare Gem From Bakshi Sahab
Song - Kabhi Laaya Jhumke Na Laaya Chunariya
Film - Hum Diwane (1965)
LY - Anand Bakshi
MD - Anna Sahab (C. Ramchander)
Singers - Asha Bhosle, Chitalkar (C. Ramchander) & Saathi
Kabhi Laaya Jhumke Na Laaya Chunariya
Sirf Pyaar Ko Main Karoon Kya Sanwariya
Bhala Kya Hain Jhumke To Kya Hai Chunariya
Tere Naam Likh Di Hai Maine Umariya
Nikalti Hai Ban-Than Ke Har Ek Saheli
Padi Rehti Hoon Main Hi Ghar Mein Akeli
Mujhe Taane Deti Hai Saari Nagariya
Sirf Pyaar Ko Main Karoon Kya Sanwariya
Bata Kya Karegi Pahen Ke Too Jhumke
Teri Chaal Mein To Hain Waise Hi Thumke
Meri Jaan Too To Hai Yoonhi Bijuriya
Tere Naam Likh Di Hai Maine Umariya
Shuroo Mein Kiya Toone Har Ek Vaada
Magar Pyaar Hote Hi Badla Iraada
Jiya Leke Lee Na Kabhi Phir Khabariya
Sirf Pyaar Ko Main Karoon Kya Sanwariya
Teri Maang Apni Mohabbat Se Bhar Doon
Tere Aaj Saare Gile Door Kar Doon
Zara Muskura Ke Mila To Najariya
Tere Naam Likh Di Hai Maine Umariya
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Sunday, October 24, 2010
हर इक पल का शायर - साहिर (Har Ik Pal Ka Shayar - Sahir)
मार्च ८, १९२१ में लुधियाना के एक ज़मींदार के घर अब्दुल हयी का जनम हुआ. उस समय किसी को पता नहीं था कि यह नन्हा अब्दुल हयी एक दिन साहिर बनेगा, साहिर लुधयनवी!
साहिर का मतलब है जादूगर, साहिर सचमुच का जादूगर था, शब्दों का जादूगर.
साहिर यूँ तो ज़मींदार के घर पैदा हुए थे लेकिन उनका बचपन दुखों में गुज़रा क्योंकि उनके बचपन में ही उनके बाप और माँ आपसी रंजिशों की वजह से अलग हो गये थे. इसका असर साहिर पे बाहौत गहरा पड़ा और वो जवानी में क़दम रखते रखते बड़ी दिलशिकन शायरी करने लगे.
१. ये महलों ये तखतों ये ताजों की दुनिया - प्यासा
कॉलेज में उनकी शायरी के चर्चे ज़ोरों-शॉरों से होने लगे और वो सबके चहीते शायर बन गये, ख़ास तौर पे लड़कियों के. कई बार इश्क़ हुआ, कई बार दिल टूटा...
साहिर का मतलब है जादूगर, साहिर सचमुच का जादूगर था, शब्दों का जादूगर.
साहिर यूँ तो ज़मींदार के घर पैदा हुए थे लेकिन उनका बचपन दुखों में गुज़रा क्योंकि उनके बचपन में ही उनके बाप और माँ आपसी रंजिशों की वजह से अलग हो गये थे. इसका असर साहिर पे बाहौत गहरा पड़ा और वो जवानी में क़दम रखते रखते बड़ी दिलशिकन शायरी करने लगे.
१. ये महलों ये तखतों ये ताजों की दुनिया - प्यासा
२. महफ़िल से उठ जानेवालों तुम लोगों पर क्या इल्ज़ाम - दूज का चाँद
३. तुम अगर साथ देने का वादा करो मैं यूँही मस्त नगमे लुटाता रहूँ - हमराज़
४. पर्वत पर्वत बस्ती बस्ती गाता जाए बंजारा लेकर दिल का इकतारा - रेलवे प्लेटफार्म
५. मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है - कभी-कभी
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Wednesday, July 21, 2010
Thursday, May 27, 2010
नूर का टुकड़ा
तस्वीर है या नूर का टुकड़ा
रौशन हो गईं यादें सारी
फूल की खुशबू
चाँद की मिस्री
सुबह की रंगत
शाम की सुर्खी
तेरी अदा इन सबपे भारी
नूर का टुकड़ा
आँख में लेकर
आग का दरिया
होंट में भरकर
मुझसे मिलेगी वो चिंगारी
Noor Ka Tukda
Tasveer Hai Ya Noor Ka Tukda
Roshan Ho Gayeen Yaadein Saari
Phool Ki Khushboo
Chaand Ki Misri
Subah Ki Rangat
Shaam Ki Surkhi
Teri Ada In Sab Pe Bhaari
Noor Ka Tukda
Aankh Mein Lekar
Aag Ka Dariya
Hont Mein Bharkar
Mujhse Milegi Wo Chingaari
तस्वीर है या नूर का टुकड़ा
रौशन हो गईं यादें सारी
फूल की खुशबू
चाँद की मिस्री
सुबह की रंगत
शाम की सुर्खी
तेरी अदा इन सबपे भारी
नूर का टुकड़ा
आँख में लेकर
आग का दरिया
होंट में भरकर
मुझसे मिलेगी वो चिंगारी
Noor Ka Tukda
Tasveer Hai Ya Noor Ka Tukda
Roshan Ho Gayeen Yaadein Saari
Phool Ki Khushboo
Chaand Ki Misri
Subah Ki Rangat
Shaam Ki Surkhi
Teri Ada In Sab Pe Bhaari
Noor Ka Tukda
Aankh Mein Lekar
Aag Ka Dariya
Hont Mein Bharkar
Mujhse Milegi Wo Chingaari
Thursday, October 1, 2009
गुलज़ार साहब का एक प्यारा गीत
फिल्म: मंजु (मलयालम) १९८२
गीत: गुलज़ार
संगीत: ऍम. बी. श्रीनिवासन
गायक: भूपेंद्र
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रस का लोभी रंग रंग भंवराए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रसिया...रसिया...रसिया
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
चाँदनी आग लगाए
चाँदनी आग लगाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया... मन् बहकाए...
गीत: गुलज़ार
संगीत: ऍम. बी. श्रीनिवासन
गायक: भूपेंद्र
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया...रसिया...रसिया
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रस का लोभी रंग रंग भंवराए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रूप रूप की रेखा छाने
रसिया...रसिया...रसिया
रूप रूप की रेखा छाने
रूप को पूजे, रूप को माने
रूप से धोके खाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
दिन सेकूँ तो आँच न आए
रात निगोड़ी हिम बरसाए
चाँदनी आग लगाए
चाँदनी आग लगाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया मन् बहकाए
रसिया... मन् बहकाए...
Wednesday, May 6, 2009
Friday, February 20, 2009
Friday, January 25, 2008
Tuesday, September 25, 2007
The Life And Cinema Of Gulzar
Kanu Roy--The Composer with a difference!
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